कद था उनका छोटा सा और सरपट उनकी चाल रे, दुबले से पतले से थे वो चलते सीना तान के वाकई बन्दे में बहुत दम था यही वजह है कि आज बापू के जाने के इतने साल बाद भी हम उन्हें याद करते हैं। जगह-जगह बापू की मूर्त...
कद था उनका छोटा सा और सरपट उनकी चाल रे, दुबले से पतले से थे वो चलते सीना तान के वाकई बन्दे में बहुत दम था यही वजह है कि आज बापू के जाने के इतने साल बाद भी हम उन्हें याद करते हैं। जगह-जगह बापू की मूर्त...